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राज्य के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि विकास के पहले चरण के तहत, श्रीनगर में 10 क्लस्टर और 07 पीएम-श्री स्कूल बनाए जाएंगे, जो मंत्री रावत का विधानसभा क्षेत्र भी है। इस प्रस्ताव को केंद्र और राज्य सरकार ने भी मंजूरी दे दी है. कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए गए हैं कि चयनित विद्यालयों की डीपीआर शीघ्र तैयार कर शासन को उपलब्ध कराई जाए, ताकि समय से धनराशि जारी कर विद्यालयों का निर्माण कार्य शुरू कराया जा सके।

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत आज विद्यालय शिक्षा महानिदेशालय, देहरादून के सभागार में अपने विधानसभा क्षेत्र के चार विकास खण्ड खिर्सू, पाबौं, थलीसैंण एवं बीरोंखाल (आंशिक) में शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा बैठक कर रहे हैं। इसमें उन्होंने स्कूल भवनों की स्थिति, शिक्षकों की तैनाती, छात्रों की संख्या और अन्य बुनियादी सुविधाओं के संबंध में अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी।

संबंधित विकासखंडों के खंड शिक्षा अधिकारियों ने अपने-अपने विकासखंडों के अंतर्गत आने वाले शासकीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों की स्थिति बताई। डॉ. रावत ने बताया कि उनके विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पीएम-श्री योजना के प्रथम चरण में 07 विद्यालयों का चयन किया गया है। कार्यदायी संस्था को विस्तृत डीपीआर तैयार कर शीघ्र शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये हैं।

इसी प्रकार विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 10 क्लस्टर विद्यालय भी चिन्हित किये गये हैं, जहां प्राथमिक से लेकर इंटरमीडिएट तक के विद्यालय एक ही परिसर में संचालित किये जायेंगे. कार्यदायी संस्था को इन दोनों श्रेणी के विद्यालयों के भवनों की ड्राइंग बेहतर आउटलुक के साथ तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि इन विद्यालयों की क्षेत्र में विशेष पहचान बन सके।

बताया यह भी जा रहा है कि केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे आयुष्मान अभियान को भी श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के स्कूलों में जोर-शोर से लागू किया जाएगा. इसके लिए स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पांच साल से अधिक उम्र के सभी विद्यार्थियों का आयुष्मान कार्ड और आयुष्मान डिजिटल हेल्थ आईडी बनाया जाए. इसके अलावा विद्यार्थियों को रक्तदान, तंबाकू और नशा मुक्ति के साथ-साथ टीबी मुक्त भारत अभियान के बारे में भी जागरूक किया जाना चाहिए।

इसके साथ ही ग्रीन कैंपस अभियान के तहत कहा गया है कि कैंपस में स्थानीय जलवायु के अनुरूप फलदार और सजावटी पौधे लगाए जाएं। डॉ. रावत ने विभागीय अधिकारियों को सामाजिक सहभागिता के तहत गतिविधियां संचालित करने के भी निर्देश दिये। जिसके तहत प्रत्येक विकासखंड में आयोजित रक्तदान शिविरों में शिक्षकों को स्वेच्छा से रक्तदान करने के लिए प्रेरित करने तथा एक-एक टीबी रोगी को गोद लेकर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाने को कहा गया।

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