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केंद्र सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी रेल परियोजनाओं में से एक ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन पर काम तेजी से चल रहा है। इस परियोजना के तहत रविवार को श्रीनगर के कीर्तिनगर विकासखंड के मलेथा और लक्ष्मोली गांवों के बीच करीब तीन किलोमीटर लंबी सुरंग को पार किया गया है। आपको बता दें कि इस दौरान क्षेत्रीय विधायक विनोद कंडारी, रेल विकास निगम और कार्यदायी संस्था नवयुगा इंजीनियरिंग कंपनी मौजूद रही। रेल मंत्रालय के अधिकारी शामिल थे। ये सुरंगें चार धाम रेल नेटवर्क में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी क्योंकि इस रेलवे लाइन का अधिकांश रास्ता सुरंग से होकर गुजरता है।

Rishikesh Karnprayag Railway

जल्दी ही ख़त्म होगा पहले चरण का काम शुरू होगी यात्रा

इस सुरंग को तैयार करने के लिए मजदूर और पूरा स्टाफ कई सालों से मेहनत कर रहा था। आख़िरकार वह क्षण आ ही गया जब सुरंग पार की गई और रास्ता बन गया। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक विनोद कंडारी, रेल विकास निगम व कार्यदायी संस्था नवयुगा इंजीनियरिंग कंपनी के अधिकारियों व कर्मचारियों ने मिठाई बांटी। रेलवे प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य काफी तेजी से चल रहा है। कई जगह सुरंगें पार हो गई हैं। जिससे ट्रेन के जल्द से जल्द पहाड़ पर पहुंचने की संभावना बढ़ती जा रही है।

क्षेत्रीय विधायक विनोद कंडारी के मुताबिक रेलवे प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य काफी तेजी से चल रहा है, कई जगह सुरंगें भी पार हो गई हैं। जिससे पर्वतीय रेलवे का सपना जल्द पूरा होने की संभावना बढ़ती जा रही है। कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर मधुसूदन का कहना है कि अब टनल के अंदर का सारा काम जल्दी पूरा कर लिया जाएगा। इस सुरंग की लंबाई लगभग 2.869 किमी है। 126 किलोमीटर लंबे रेलवे प्रोजेक्ट में 105 किलोमीटर ट्रैक का निर्माण सुरंगों के अंदर किया जा रहा है।

Rishikesh Karnprayag Railway

इस परियोजना की 17 सुरंगों में से 11 सुरंगें 6 किमी से अधिक लंबी हैं। यह सुरंग NATM तकनीक यानी न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड के तहत बनाई जा रही है। 126 किलोमीटर लंबी ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना में नौ पैकेजों में 80 सुरंग प्रवेश द्वार होंगे। जिसमें आधे से ज्यादा बनकर तैयार है।

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